Tuesday, 7 January 2020

ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी के जनाजे में मची भगदड़, 35 लोगों की मौत




पिछले शुक्रवार को अमेरिकी एयरस्ट्राइक में मारे गए ईरान के सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी का 07 जनवरी को जनाजा किरमान शहर में निकाला गया। वह इस शहर के निवासी थे। देश के एक नायक की तरह उनके जनाजे में लाखों लोग शामिल हुए। खबरों के मुताबिक करीब 10 लाख लोग इस जनाजे में शामिल होने के लिए पहुंचे थे। इस दौरान भगदड़ मच गई, जिसमें 35 लोगों की मौत हो गई। 48 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच चल तनाव को तब और बढ़ गया जब 3 जनवरी को इराक में एयरस्ट्राइक के दौरान ईरान के शक्तिशाली कमांडर जनरल कासिम सुलेमानी की मौत हो गई। सुलेमानी का काफिला बगदाद एयरपोर्ट की ओर बढ़ रहा था, तभी उनका काफिले पर एक रॉकेट से हमला किया गया। उनके साथ इस हमले में ईरान के अबू महदी अल-मुहांदिस की भी मौत हो गई। व्‍हाइट हाउस का कहना था कि जनरल सुलेमानी सक्रिय रूप से इराक में अमेरिकी राजनयिकों और सैन्य कर्मियों पर हमले की योजना बना रहा था। 
कासिम सुलेमानी ईरान के दूसरे सबसे ताकतवर नेता थे। उनका स्थान धार्मिक नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई के बाद सबसे प्रमुख था।

कौन थे जनरल कासिम सुलेमानी

सुलेमानी का जन्म वर्ष 1957 को ईरान के दक्षिण-पश्चिम प्रांत किरमान में हुआ। उनके परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। इस वजह से वह पढ़ न सके और 13 साल की उम्र में परिवार के भरण-पोषण के लिए काम करने लगे। Read More- Irani General Kasim Sulemani

Monday, 6 January 2020

कमर दर्द से छुटकारा पाने के लिए अपनाएं ये आसान घरेलू नुस्खे और टिप्स

कमर दर्द से छुटकारा पाने के लिए अपनाएं ये आसान घरेलू नुस्खे और टिप्स

आज के समय के लोगों की जिंदगी में भाग-दौड़ से भरी हुई है। साथ आज का खान—पान भी सही नहीं होने की वजह से कई शारीरिक समस्याओं को सामना करना पड़ता है। आज के समय में कमर दर्द की समस्या आम बात हो गई है। कई लोग ऑफिस में ज्यादा देर तक बैठे रहते है या सही तरीके से ने बैठे तो उन्हें कमर दर्द की तकलीफ हो जाती है। यही नहीं अचानक झुकने, वजन उठाने, गलत तरीके से उठने-बैठने, गाड़ी चलाते समय और सोने से अक्सर लोगों को कमर दर्द हो जाता है। यदि किसी का कमर दर्द अधिक दिन तक रहता है तो यह किसी गंभीर बीमारी का लक्षण भी माना जाता है।
कमर दर्द के शिकायतों में दो प्रकार की स्थितियां गंभीर मानी जाती हैं- पहली स्लिप डिस्क और दूसरी साइटिका।
हमारी रीढ़ की हड्डी में दो वर्टिब्रा यानि कुंडों जैसी हड्डियों में डिस्क होती है, जो झटका सहने (शॉक एब्जॉर्वर) का कार्य करती है। इस डिस्क के घिस जाने से सूजन आ जाती है। इससे रीढ़ की हड्डी से पैरों तक जाने वाली नसों पर दबाव पड़ता है। इसकी वजह से कई लोगों की कमर में लगातार दर्द रहता है।

अपनाएं ये घरेलू नुस्खे

जिन लोगों में कमर दर्द रहता है वे लोग चाहे तो घरेलू नुस्खे अपनाकर इससे निजात पा सकते हैं, क्योंकि सबके रसोईघर में ये वस्तुएं उपलब्ध होती है।
सरसों या नारियल के तेल में लहसुन की तीन—चार कलियां डालकर गर्म करें और जब यह तेल ठंडा हो जाए तब इससे रोज सुबह और रात को मालिश करें। इससे आपके दर्द में आराम मिलेगा।

Read More- Home Remedies For Back Pain

Monday, 30 December 2019

इंडियन नेवी ने नौसैनिकों के फेसबुक इस्तेमाल पर लगाया बैन, स्मार्टफोन पर भी यहां रहेगा प्रतिबंध

Indian-Navy

भारतीय नौसेना में अब नौसैनिक पॉपुलर सोशल मीडिया साइट फेसबुक का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। इंडियन नेवी ने नौसैनिकों के फेसबुक इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके अलावा नौसेना द्वारा नेवी ठिकानों, डॉकयार्ड और युद्धपोतों पर स्मार्टफोन के इस्तेमाल पर भी बैन लगाया गया है। भारतीय नौसेना ने सोशल मीडिया पर दुश्मन मुल्क की खुफिया एजेंसियों को संवेदनशील सूचनाएं लीक करते सात नौसैनिकों के पकड़े जाने के बाद ये कठोर कदम उठाया है। पाक की खुफिया एजेंसी आईएसआई की चाल में इंडियन नेवी सेलरों के फंसने के बाद नौसेना का यह कदम उठाना जरूरी था।
Indian-Navy-Facebook-Ban

इंडियन नेवी ने जारी किया आदेश

भारतीय नौसेना ने इस खुलासे के बाद ठोस निर्णय लेते हुए सोशल मीडिया साइट फेसबुक के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने के आदेश भी जारी कर दिए हैं। नौसेना की ओर से 27 दिसंबर को इस बारे में आदेश जारी कर दिया गया था। बता दें, इंडियन नेवी द्वारा नौसैनिकों के फेसबुक इस्तेमाल और अन्य प्रतिबंध लगाने का यह आदेश 20 दिसंबर को विशाखापट्टनम से 8 व्यक्तियों, सात नौसेना कर्मियों और मुंबई से हवाला ऑपरेटर की गिरफ्तारी के बाद आया है। भारतीय नौसेना द्वारा फेसबुक के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने के अलावा नौसैनिक को नौसेना क्षेत्रों के भीतर सभी ठिकानों और जहाज़ों के आगे भी स्मार्टफोन के इस्तेमाल पर बैन लगाया गया है। Read More- Indian Navy Banned Social Media For Naval Offficers

हिंदी सिनेमा के सर्वोच्च पुरस्कार ‘दादासाहेब फाल्के पुरस्कार’ से सम्मानित हुए अमिताभ, कही दिल छू लेने वाली बात



सदी के महानायक अमिताभ बच्चन को रविवार को हिंदी सिनेमा के सर्वोच्च सम्मान दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। दिल्ली स्थित प्रेसिडेंट हाउस में राष्ट्रपति रामनाथ गोविंद ने उन्हें यह सम्मान दिया। इस खास मौके पर अमिताभ के साथ उनकी पत्नी जया बच्चन और बेटे अभिषेक बच्चन मौजूद थे। गौरतलब है कि अमिताभ बच्चन को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में सम्मानित किया जाना था मगर खराब स्वास्थ्य की वजह से अमिताभ इस समारोह में नहीं पहुंच पाए।
पुरस्कार प्राप्त करने के बाद अमिताभ बच्चन ने देश की जनता और फिल्म निर्माता निर्देशकों और सरकार का शुक्रिया अदा किया। अमिताभ बच्चन ने कहा, मुझ पर ईश्वर की कृपा रही है, माता-पिता का आशीर्वाद रहा है। सिने सफर के दौरान फिल्म इंडस्ट्री के निर्माता-निर्देशक, सह कलाकारों का साथ रहा। इससे ज्यादा देश की जनता का प्यार और प्रोत्साहन मिलता रहा जिसकी वजह से आज मैं आप सभी के सामने खड़ा हूं।

उन्होंने कहा कि, जब इस सम्मान की घोषणा हुई तो मुझे लगा कि कहीं ये इस ओर इशारा तो नहीं कि अब आप घर बैठिए और आराम किजिए। उन्होंने बड़े ही विनम्र स्वभाव से कहा कि अभी बहुत सारा काम है जिसे खत्म करना है। Read More- Amitabh Bacchan 

Thursday, 19 December 2019

निचले सदन ने दी राष्ट्रपति ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की मंजूरी, जानिए क्या है महाभियोग की प्रक्रिया

Donald Trump

अमेरिकी सदन के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग चलाने की अनुमति दे दी है। इससे राष्ट्रपति ट्रंप की मुश्किलें बढ़ गई हैं और वह अमेरिकी इतिहास के तीसरे राष्ट्रपति हैं जिनके खिलाफ महाभियोग चलाया जाएगा।
राष्ट्रपति ट्रंप के खिलाफ महाभियोग अभी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव में पारित हुआ है। इस प्रस्ताव के लिए हुए निचले सदन में डेमोक्रेट सांसदों का बहुमत था जिससे सदन ने 197 के मुक़ाबले 230 मतों से महाभियोग को मंजूरी दे दी।
निचले सदन से मंजूरी के बाद इसे अगले महीने यह प्रस्ताव संसद के ऊपरी सदन ‘सीनेट’ में जाएगा, लेकिन सीनेट में रिपब्लिकन सांसदों का ज्यादा बहुमत है। इस वजह से इसके पास होने की संभावना बहुत कम है कि राष्ट्रपति पद से उन्हें हटाया जा सकेगा।

राष्ट्रपति ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की मंजूरी की वजह

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर महाभियोग की मंजूरी के पीछे खास वजह है। उन पर आरोप है कि उन्होंने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडीमीर जेलेंस्की पर वर्ष 2020 में डेमोक्रेटिक पार्टी के संभावित प्रतिद्वंद्वी और पूर्व उपराष्ट्रपति जो बाइडेन सहित अन्य उम्मीदवारों की छवि खराब करने के लिए गैरकानूनी तरीके से मदद मांगी थी।
महाभियोग प्रक्रिया के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के बीच हुई फोन पर बातचीत की जांच हुई और डेमोक्रेटिक पार्टी के नियंत्रण वाली न्यायिक समिति ने उनके खिलाफ औपचारिक आरोप तय किए। फोन पर हुई बातचीत से राष्ट्रपति ट्रंप ने कथित तौर पर यूक्रेन की ऊर्जा कंपनी बुरिज्मा को अपनी सेवा दे चुके जो बाइडेन और उनके बेटे हंटर बाइडेन के खिलाफ जांच करने का दबाव बनाया था।
इस प्रस्ताव में न्यायिक समिति ने ट्रंप के खिलाफ दो मुख्य आरोप तय किए। पहले के अनुसार ट्रंप ने सत्ता का दुरुपयोग किया है और दूसरा उन्होंने संसद के कामकाज में बाधा डाली। उन्होंने अपने राजनीतिक लाभ के लिए यूक्रेन को मिलने वाली आर्थिक मदद को रोक दिया था।
लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप ने तमाम आरोपों को खारिज करते हुए संसद से आग्रह किया है उनके खिलाफ जल्द से जल्द महाभियोग की प्रक्रिया पूरी करे।
बता दें कि राष्ट्रपति ट्रंप के खिलाफ यूक्रेन विवाद के बाद हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव की स्पीकर नैन्सी पॉलोसी ने पद का दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए महाभियोग लाने की बात की थी। Read More- Impeachment Against Donald Trump 

Tuesday, 10 December 2019

हाईलाइट्स 2019: Current Affairs में पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण मुदृे यहां पढ़िए…



वर्ष 2019 कई मायनों में खास रहा है। पूरे साल बहुत सी बड़ी घटनाएं हुई। मगर कुछ घटनाएं करेंट अफेयर्स बन गई। अगर आप भी साल 2019 की टॉप खबरें पढ़ना चाहते है तो ये रही…
वर्ष 2019 में देश के भीतर कई राजनीति, अंतरिक्ष, रक्षा सौदे, मंदिरों से सम्बंधित मद्दे काफी चर्चित रहे और देशहित में रहे हैं। उनमें से प्रमुख हैं:- जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाना, तीन तलाक विधेयक पारित करना, अयोध्या मामले पर सुनवाई, राफेल सौदा, चंद्रयान-2, सबरीमाला।

अनुच्छेद 370 हटाकर दो केन्द्रशासित भागों में बांटा
chaltapurza.com
भारत के गृह मंत्री अमित शाह ने 5 अगस्त, 2019 को राज्य सभा में ऐतिहासिक निर्णय से अवगत कराते हुए बताया कि जम्मू और कश्मीर से अनुच्छेद 370 के एक खंड को छोड़ कर सभी हटाए गए और जम्मू-कश्मीर को दो केन्द्रशासित जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में विभाजित कर दिया गया। इस अनुच्छेद के निरस्त होने से ये केन्द्र शासित प्रदेश राष्ट्र की मुख्यधारा में शामिल हो जाएंगे।
बता दें कि जम्मू—कश्मीर राज्य को संविधान के भाग 21 के अनुच्छेद 370 द्वारा विशेष राज्य का दर्जा प्रदान किया गया। इसके साथ ही अनुच्छेद 35A भी हट गया। है।

Read more- Highlights 2019

Friday, 29 November 2019

स्पेशल: सोशल एक्टिविस्ट राजीव दीक्षित जिनकी मौत आज तक बनी हुई है रहस्यमयी

Rajiv-Dixit

भारतीय वैज्ञानिक, प्रखर वक़्ता और सामाजिक कार्यकर्ता राजीव दीक्षित का जन्म 30 नवंबर, 1967 को यूपी के अलीगढ़ जिले की अतरौली तहसील स्थित नाह गांव में हुआ। इत्तेफ़ाक से वर्ष 2010 में जन्मदिन के दिन ही उनकी मौत हो गई थी। इस तरह राजीव दीक्षित की बर्थ और डेथ एनिवर्सरी एक ही दिन आती है। ये बात अलग है कि उनकी मौत आज तक रहस्यमयी बनी हुई है। हालांकि, साल 2019 की शुरुआत में प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से राजीव दीक्षित की मौत की फ़िर से जांच को लेकर दुर्ग पुलिस को आदेश जारी किए गए। करीब 9 साल पहले भिलाई प्रवास के दौरान राजीव की संदिग्ध माैत हो गई थी। ऐसे में उनके जन्मदिन और उनकी पुण्यतिथि के मौके पर जानते हैं उनके बारे में दिलचस्प बातें..Rajiv-Dixit-

आईआईटी कानपुर से किया था एम.टेक

पिता घनश्याम दीक्षित के घर जन्मे राजीव दीक्षित पढ़ाई के दौरान मेधावी छात्र हुआ करते थे। उन्होंने उत्तर प्रदेश के फ़िरोज़ाबाद से 12वीं कक्षा उत्तीर्ण की। इसके बाद राजीव ने इलाहाबाद से बी.टेक और आईआईटी कानपुर से एम.टेक की पढ़ाई की। बाद में उनकी वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद यानि सीएसआईआर में बतौर साइंटिस्ट नौकरी लग गई थी। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया कि जब राजीव दीक्षित सीएसआईआर में साइंटिस्ट हुआ करते थे, उस दौरान उन्होंने तत्कालीन राष्ट्रपति और भारत रत्न डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के साथ भी काम किया था। वे फ्रांस के दूरसंचार क्षेत्र में बतौर वैज्ञानिक भी काम कर चुके थे।
Read More- Rajiv Dixit Unknown Facts