Friday, 29 November 2019

स्पेशल: सोशल एक्टिविस्ट राजीव दीक्षित जिनकी मौत आज तक बनी हुई है रहस्यमयी

Rajiv-Dixit

भारतीय वैज्ञानिक, प्रखर वक़्ता और सामाजिक कार्यकर्ता राजीव दीक्षित का जन्म 30 नवंबर, 1967 को यूपी के अलीगढ़ जिले की अतरौली तहसील स्थित नाह गांव में हुआ। इत्तेफ़ाक से वर्ष 2010 में जन्मदिन के दिन ही उनकी मौत हो गई थी। इस तरह राजीव दीक्षित की बर्थ और डेथ एनिवर्सरी एक ही दिन आती है। ये बात अलग है कि उनकी मौत आज तक रहस्यमयी बनी हुई है। हालांकि, साल 2019 की शुरुआत में प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से राजीव दीक्षित की मौत की फ़िर से जांच को लेकर दुर्ग पुलिस को आदेश जारी किए गए। करीब 9 साल पहले भिलाई प्रवास के दौरान राजीव की संदिग्ध माैत हो गई थी। ऐसे में उनके जन्मदिन और उनकी पुण्यतिथि के मौके पर जानते हैं उनके बारे में दिलचस्प बातें..Rajiv-Dixit-

आईआईटी कानपुर से किया था एम.टेक

पिता घनश्याम दीक्षित के घर जन्मे राजीव दीक्षित पढ़ाई के दौरान मेधावी छात्र हुआ करते थे। उन्होंने उत्तर प्रदेश के फ़िरोज़ाबाद से 12वीं कक्षा उत्तीर्ण की। इसके बाद राजीव ने इलाहाबाद से बी.टेक और आईआईटी कानपुर से एम.टेक की पढ़ाई की। बाद में उनकी वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद यानि सीएसआईआर में बतौर साइंटिस्ट नौकरी लग गई थी। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया कि जब राजीव दीक्षित सीएसआईआर में साइंटिस्ट हुआ करते थे, उस दौरान उन्होंने तत्कालीन राष्ट्रपति और भारत रत्न डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के साथ भी काम किया था। वे फ्रांस के दूरसंचार क्षेत्र में बतौर वैज्ञानिक भी काम कर चुके थे।
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Friday, 22 November 2019

जानिए क्या है एक दिसंबर से देशभर में लागू होने वाला ‘फास्टैग’ और उसके नियम?

Fastag

केन्द्र सरकार लगातार कैशलेस सिस्टम को बढ़ावा देने का काम कर रही है। ट्रांसपोर्ट सेक्टर में ‘फास्टैग’ इसका सबसे ताज़ा उदाहरण है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह (एनईटीसी) कार्यक्रम के तहत 1 दिसंबर, 2019 से सभी वाहनों के लिए ‘फास्टैग’ अनिवार्य कर दिया है। हाल में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इंडियन मोबाइल कांग्रेस में ‘वन नेशन वन फास्टैग’ योजना की शुरुआत की। इस योजना के तहत अब टोल भुगतान केवल वाहनों पर लगे फास्टैग कार्ड के माध्यम से होगा। जिन वाहनों पर फास्टैग लगा नहीं होगा, उनसे टोल बूथ पार करने के लिए दोगुना शुल्क लिया जाएगा। नई स्किम के लागू होने पर देश में कोई भी वाहन बिना कैश में टोल दिए कहीं भी सफ़र कर सकेगा।
Fastag-Pass

क्या होता है फास्टैग या आरएफआईडी?

यह रेडियो फ्रिक्वेंसी आईडिफिकेशन टेक्नोलॉजी पर आधारित एक टैग है, जिसे ‘फास्टैग’ या ‘आरएफआईडी’ कहा जाता है। इसे वाहनों के विंडस्क्रीन पर सबसे ऊपर बाएं ओर लगाया जाता है। यह दिखने में एक छोटा सा टैग होता है। इससे टोल प्लाजा को बिना रुकावट के आसानी से पास कर सकते हैं। जैसे ही कोई वाहन टोल प्लाजा पर पहुंचता है, वहां लगी डिवाइस वाहन की विंडस्क्रीन पर लगे टैग को रीड कर लेती है और वाहन मालिक के फास्टैग ऑनलाइन वॉलेट अकाउंट से तुरंत टोल कट जाता है।
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Tuesday, 5 November 2019

सर्दियों में होठों की तमाम समस्या को दूर करेंगे ये 5 टिप्स


होंठ हमारी मुस्कान को ही नहीं बल्कि पर्सनैलिटी को भी निखारने का काम करते हैं। सर्दी के मौसम ने दस्तक दे दी है। इस मौसम त्वचा के अलावा होंठो को खास देखभाल की जरूरत होती है। इस मौसम में खुश्क हवाओं के चलने से त्वचा रूखी हो जाती है साथ ही होंठो की नमी भी गायब होने लगती है। जिसके कारण होंठ फटने लगते है। ऐसे में सर्दी के इस मौसम में होंठो की देखभाल करना ज्यादा जरुरी हो जाता है।
आइए होंठो को मुलायम और स्वस्थ बनाए रखने के टिप्स…

पेट्रोलियम जैली का करें इस्तेमाल
होठों की नमी बनाए रखने के लिए जरुरी है पेट्रोलियम आधारित लिप कवर रोजाना अपने होंठो पर लगाना। इससे आपके होठ ड्राय नहीं होंगे और नमी बरकरार रहेगी।

खूब पानी पीएं, होठ रहेंगे सॉफ्ट

सर्दी में भले ही पानी की प्यास कम लगती हो मगर याद रखे कि शरीर में पर्याप्त पानी पहुंचने दे। होंठो और त्वचा को ड्रायनेस से बचाने के लिए जरुरी है खूब सारा पानी पीना। कम से कम 8 गिलास प्रतिदिन पानी पीना चाहिए। पानी आपकी त्वचा को हाइड्रेटेड करेगा और नमी बनाए रखेगा। Read more- Lip Care Tips